भजन न : 21
कर लो विचार भईया काहे इतराते हो ।
थोड़ी जिन्दगानी में फूले न समाते हो ।।
आये हो जहां से फिर वहीं जाओगे -2
करी जैसी करनी वैसी करनी का फल पाओगे -2
आगे तो सोचो कैसा हीरा तन गंबाते हो -2
थोडी जिन्दगानी ....
बीती सो विसार सभी अभी बन जाएगा -2
आत्मा निहार तो परमात्मा मिल जाएगा -2
जिसने बनाया तुमको उसे क्यों भुलाते हो -2
थोड़ी जिन्दगानी ...
मोझ का दरवाज़ा सही नरतन बताया है -2
साधना का मार्ग प्रभु यीशु ने बताया है -2
करके अंगीकार मुक्ति क्यों नहीं पाते हो -2
थोड़ी जिन्दगानी .....
भजन न .22
कोरसः ईश्वर के पास आने वाले , मन में यह विश्वास कर ले ...... 2
ईश्वर है , ईश्वर है , ईश्वर है ... तेरा उद्धार करने ...... 2
1 भक्ती से नादान से , ना ही बहुत ज्ञान से ...... 2
ईश्वर वो भी कर दे , जो न हो इन्सान से ..... 2
बस तेज बिश्वास से......
ईश्वर है , ईश्वर है , ईश्वर है ..... 2
2 जो तुने देखा ना , जो तुने ना सुना --...- 2
तुझ को देने ईश्वर ने ऐसा कुछ है चूना ..... 2
तुझ को मिले बहुतायत से .....
ईश्वर है , ईश्वर है , ईश्वर है ...... 2
3 मांगने से ज्यादा , और सोचने से ज्यादा ...... 2
तुझे देना चाहेवो , जल्दी से आजा ...... 2
देर जरा भी ना लगा रे ....
ईश्वर है , ईश्वर है , ईश्वर है ...... 2
जो करे बिश्वास करे , ईश्वर की माहिमा ...... 2
उस के लिये इस जहाँ में , कुछ भी कठीन ना ...... 2
पहाड़ भी सागर में गिरा दे.....
ईश्वर है , ईश्वर है , ईश्वर है ...... 2
भजन न .23
खुशियां मनाओ नर - नारी हो , यीशु जिहलन कबर से -2
कबर के ऊपर मोहर पड़ल रहिले -2
पहरा पड़ल सरकारी हो यीशु जिहलन कबर से -2
खुशियां ....
स्वर्ग लोक से देवदूत अइलन -2
तोड़ दिहलन बन्धन भारी हो यीशु जिहलन कबर से -2
खुशियां ...
मरियम मगदिलीनी कबर पे अइली -2
कबर पडल रहिले खाली हो , यीशु जिहलन कबर से -2
खुशियां .....
भजन न .24
कोरसः मसीह बिना जीना बेकार है । वही मेरे जीवन का अधार है . 2
जीना मसीहा मरने ना पाये...2 ऐ जीवन तैयार है ।
मसीह बिना . . ..
1 मै मसीह के साथ चलने लगा । मै मसीह मे हु मसीह मुझ मे है ... 2
क्योकि आत्मा बिना जीना बेकार है । वही मेरे जीवन का अधार है ... 2
जीना मसीहा मरने ना पाये ...2 ऐ जीवन तैयार है ।
मसीह बिना .....
2 कुस उठा के मै चलने लगा । मेरा दुल्हा है मेरा मसीह ...... 2
कुस उठा के चलना मेरा काम है । अन्त मे ही स्वर्ग मे विश्राम है ... 2
जीना मसीहा मरने ना पाये ...2 ऐ जीवन तैयार है ।
मसीह बिना .....
भजन न . 25
खुल जायेगी किताबें जब भी हिसाब होगा -2
इंसाफ का तराजू , यीशु के हाथ होगा -2
जो भी तू कर रहा है यीशु वो देखता है -2
हर पल का तुझको इंसान देना हिसाब होगा -2
इंसाफ का तराजू , यीशु के हाथ होगा -2
खुल जायेगी ....
आजा अभी भी मुड़ कर यीशु बुला रहा है -2
वरना तू याद रखना तेरा ही नाश होगा -2
इंसाफ का तराजू , यीशु के हाथ होगा -2
खुल जायेगी ......
जीवन में देखो कैसा अंधियारा छा रहा है -2
यीशु के पास आजा जीवन नया मिलेगा -2
इंसाफ का तराजू , यीशु के हाथ होगा -2
खुल जायेगी .....
कदमों में उसके रो ले तौबा गुनाह से करले -2
फिदिया मसीह ने दिया माफी तू आज ले ले -2
इंसाफ का तराजू , यीशु के हाथ होगा -2
खुल जायेगी ......
भजन न .26
गिन - गिन के स्तुति करूं , बेशुमार तेरे दानों के लिए -2
अब तक तूने संभाला मुझे अपनी बाहों में लिए हुए -2
गिन - गिन .....
मेरे शुत्र का निशाना मुझ पर होगा न सफल -2
आंखों की पुतली जैसे वो रखेगा मुझे हर पल -2
गिन - गिन .....
आंधियां बन के आए जिन्दगी में चिंता फिकर -2
कौन है मेरा खेवन हारा है भरोसा मेरा किधर -2
गिन - गिन .....
आये मुझे जो मिटाने शस्त्र हो जाते बेअसर -2
मेरा रचने वाला मुझ पर रखता है अपनी नजर -2
गिन - गिन ......
भजन न . 27
जलते चिराग गुल न हो , बुझते दीये जलाओ तुम -2
प्रेम की ज्योति कम न हो , गाओ ये गीत गाओ तुम -2
जलते चिराग गुल न हो ..
झंडा मसीह का हो बुलन्द , पिता का नाम हो बुलन्द -2
सच्चे मसीह जवां बनो , बुझते दीये जलाओ तुम -2
जलते चिराग गुल न हो ....
किसने तुमसे कह दिया , अपनों से तुम करो प्यार -2
दुश्मनों को भी ऐ दोस्तो अपने गले लगाओ तुम -2
जलते चिराग गुल न हो ....
छोड़ो भेदभाव को , छोड़ो ऊंच - नीच को -2
ईश्वर की तुम सन्तान हो , दुनिया को ये दिखाओ तुम -2
जलते चिराग गुल न हो ....
भजन न . 28
जो क्रूस पे कुरबान है , वो मेरा मसीहा है -2
हर जख्म जो उसका है , वह मेरे गुनाह का है -2
इस दुनिया में ले आए , मेरे गुनाह उसको -2
ये जुल्मों - सितम उस पर मैंने ही कराया है -2
जो क्रूस पे कुरबान है , वो मेरा मसीहा है -2
इन्सान है वो कामिल , और सच्चा गुरू वो है -2
वो प्यार का दरिया है , सच्चाई का रास्ता है -2
जो कूस पे कुरबान है . वो मेरा मसीहा है -2
देने को मुझे जीवन , खुद मौत सही उसने -2
क्या खूब है कुरबानी , क्या प्यार अनोखा है -2
जो क्रूस पे कुरबान है , वो मेरा मसीहा है -2
भजन न .29
जीवन का दाता सुण विनती हमारी
सारी दुनिया है राजा प्रजा तुम्हारी ।
तेरा वचनो क चैन्टू आत्मा कू दान
तब जैक पाला क्वी मुक्ति कू ज्ञान ।
सबूका मन दाता फेरी क ले ही
आत्मा कू दान दाता वचनो क देही ।
भटकियां मनू क दाता शान्ति की खोज
सत्य वचन तेरा शान्ति का भोज ।
दया कू धनी तू ही महान दानी
ईश्वरौ कू ईश्वर तू महान ज्ञानी ।
करूणा निधान तू ही महान राजा
सफल करदाता प्रजा का काज़ ।
भजन न .30
जै - जै याहोवा जी है मेरा दातार
बहेगी सभी संतो कू उद्धार
जै - जै याहोवा जी .....
मसीहा आयी मेमना लीक
मरजीथै तेरी दातार
जै - जै याहोवा जी ......
मसीहा आयी जीवन लीण
पावा भै शाश्वत जीवन
जै - जै याहोवा जी ....
याहोवा जी कू वचन प्यारू
ल्यायी भै मसीह हमारू
जै - जै याहोवा जी ....
याहोवा जी कू बेटा मसीहा आयी
सबूक , सत्य वाणी ल्याणी
जै - जै याहोवा जी ....
याहोवा जी कू प्यारू मसीहा
उई छा हमारू उद्धार ।
जै - जै याहोवा जी ....
जै - जै याहोवा जी हे मेरा दातार
लहही सभी संतों कू उद्धार
जै - जै याहोवा जी ....
भजन न .31
कोरसः जैसे मैं मूसा के साथ था तेरे भी रहुंगा .... 2
छोडुंगा ना मै साथ तेरा ..... 2
तुझे थामें चलुंगा ........
जैसे मै मूसा के ..... .2
1. मेरे वचनो पे तु ध्यान लगा .... 2
मेरी आवाज को सुनता जा ...... 2
मैं समझाता चलुगा .....
जैसे मै मूसा के .....2
2. मैं तेरा रखवाला हूं ... 2
तुझ को सम्भालने वाला हु ... 2
मैं सम्भाले चलुंगा ......
जैसे मै मूसा के .....2
3. मत अपनी तु सोच लगा ...... 2
पल - पल मुझ से पूछता जा ....2
मै बताते चलुंगा ......2
जैसे मै मूसा के ....... 2
भजन न .32
स्तुति आराधना ऊपर जाती है आशीष देखो नीचे आती है -2
पिता हमारा बड़ा महान , देखो हमसे करता प्यार -2
धन्यवाद .....
प्रार्थना विनति ऊपर जाती है
उत्तर लेकर नीचे आती है
पिता हमारा बड़ा महान , देखो हमसे करता प्यार -2
धन्यवाद .......
गलतियों से तुम करो तौबा
फिर न मिलेगा से मौका -2
पिता हमारा बड़ा महान , देखो देखो गलती कर दी क्षमा -2
धन्यवाद .....
विश्वास करों मन से सदा
परमेश्वर है सदा वहां -2
पिता हमारा बड़ा महान , देखो हमसे करता प्यार -2
धन्यवाद .....
भजन न .33
कोरसः जैसे यीशु खुदा का बेटा है , वैसे हम भी खुदा के बेटे है ... 2
जैसा शास्त्र में लिखा है , वैसा ही इमान हम करते है ... 2
1 . जैसे आत्मा की सार्मथ से , यीशु जी उठा है .2
वैसे ही उस आत्मा से , हम भी जी उठे है..2
जैसे यीशु खुदा का बेटा है .. 2
2. जैसे यीशु पिता के दाहिने है , वैसे हम भी दाहिने बैठे है ...2
जैसे यीशु मेल कराता था , वैसे हम भी मेल कराते है ...... 2
जैसे यीशु खुदा का बेटा है ...... 2
3 . जैसे यीशु चंगाईयां करता था , वैसे हम भी चंगाईयां करते हैं ... 2
जैसे यीशु मुर्दे जिलाता था , वैसे हम भी मुर्दे जिलाते है..2
जैसे यीशु खुदा का बेटा है ...... 2
4 . यीशु हमारा बड़ा भाई है , हम उसके भाई छोटे है .......2
उसने कहा जो ईमान करते है , मुझ से बड़े काम करते है ...2
जैसे यीशु खुदा का बेटा ... 2
भजन न .34
जै यहूवा , जै यहूवा , जै यहूवा देवा -2
हम बैठिया सरण में तेरी हम तै अपनें ले वा -2
दुस्मनू तँ माफ करी उ छन अणजाण - ऊ छन अण जाण ,
नी छिन अभि तौकी बणी त्यारा गैल पछाँण
अपणु बेटा भेजी ल्वैन देण कू उधार देणु कु उधार
जैन वैतें गुरू माणी वैकु बेड़ा पार -2
जै यहूवा , जै यहूवा , जै यहूवा देवा ...
धन्यवाद तेरू करदां तूही ॐ महान , तूही छ महान ,
रात दिन विपदा हरी गुण दे अर ज्ञान -2
यू लेवता छोडियाली तेरा ही छासारा , हौ तेरा ही छा सारा ,
बीच माछा हम अडंग्या त्वैन लगै किनारा -2
जै यहूवा , जै यहूवा . जै यहूवा देवा ....
तेरा वचन मा छाँ बैठिया हम सारी कुटूम्बदारी भै सारी कुटुम्बदारी
बाबा बेटा दादा अर सासू बेटी ब्वारी -2
ध्यान तेरा बैठिया छौ में रखियू च विश्वास रूकियू कम सफल
करी लग्यू छौ मे साँस -2
जै यहूवा , जै यहूवा , जै यहूवा देवा .....
धन्यवाद तैरू करी तैं जू भी लगान्दू भौग , जू भी लगान्दू भौग ,
दुःख , दरिद्र , पाप , बैकु सभी कटेन्दु रोग -2
ढोलकी बजा , डमरू बजा , वैकी महिमा गावा , हो वैकी महिमा गावा
धन्यवाद , धन्यवाद , सभी करदी जावा -2
जै यहूवा , जै यहूवा , जै यहूवा देवा .....
भजन न .35
जान लिया है , पहचान लिया है ।
मान लिया है , उसको , जो सब में बसा है ।।
आसमा में वो , इस धरती में वो ।
कण - कण में वो ही छिपा है ।।
तुम्हें क्या पता है जान लिया है ...
फूलों की तरह , मेरा चेहरा में खिला ।
वचनों से जो रस बना है , क्या तुमने चखा है ।।
जान लिया है ....
यहां भी गया , हां मैं वहां भी गया ।
पर ज्ञान अब ऐसा मिला है , क्या तुमने सुना है ।।
जान लिया है ....
सिखाया हमें , दिखाया हमें ।
संग में जो , उसके चला है , कभी वो गिरा है ।।
जान लिया है .....
प्रेम बताया , सबसे मेल सिखाया ।
रास्ता बस एक बचा है , क्या उस पे चला है ।।
जान लिया है ....।
भजन न .36
डरदा छां हे केकु , नाम ल्यावा बैकु ।
सब च रचियू जैकु , देखियूं नी जु कैकु ।।
खोजा - खोजा वैतै , दूडा - दूडा वैथे.....
दुनिया सारी जैन बसाई , स्वर्ग सारू जैन फैलाई ।
डाली बोटली जैन लगाई , धरती सारी जैन रंग्यायी ।।
खोजा - खोजा .... डरदा छां ....
सूरज जैन चांद बणायी , धरती मा जैन वायु फैलाई ।
तरा मंडल सारू बसाई बरखदु जैन दयेरू बणाई ।।
खोजा - खोजा....डरदा छा .....
ज्ञान कु भंडार जैमा , माया परम्पार जैमा ।
मनिखियोकु उद्धार जैमा , शक्ति परम्पार जैमा ।।
खोजा - खोजा ..... डरदा छां ....
भजन न .37
डूबती नैया किनारे लगाई , प्रेम की ज्योति तूने जलाई -2
ईश्वर के पुत्र हो सबके स्वामी , हे प्रभु यीशु सद्गुर ज्ञानी
शरण पड़े की लाज बचाई , प्रेम की ज्योति तूने जलाई -2
डूबती नैया ......
मन मंदिर में आनन्द छाई , तूने मेरी बिगड़ी बनाई -2
सत्य की राह तूने बताई , मन मंदिर में ज्योति जलाई -2
डूबती नैया ....
भजन न . 38
1. तेरा प्यार है महान , तेरा प्यार है महान ।
मैं जो पहले मुर्दा था तूने डाली मुझमें जान ।।
क्यों न बोलू फिर मैं तेरी जय - जयकार
क्यों न बोलू फिर मैं तेरी जय - जयकार
जय - जयकार जय - जयकार ,
तू ने मेरे लिए क्या कुछ न किया ।
2. मेरी सूरत बिगड़ी थी . मेरा दिल था खाली ।
तू ने सिंचा था खून से , ताकि आये हरियाली ।।
क्यों न बोलू .....
3. आई जीवन में खुशी , आई अब्दो जिंदगी ।
तू है जिंदा शाफिया , तू ने यह है किया ।।
क्यों न बोलू .....
4. अपनी रूह से भर दिया , अपनी शक्ति मुझको दी ।
ताकि दूं मैं गवाही , तेरे जी उठने की ।।
क्यों न बोलू .....
भजन न .39
तुम जगत की ज्योति हो , तुम धरा के नमक भी हो -2
तुमको पैदा इसलिए किया , तुमको जीवन इसलिए मिला -2
उसकी मर्जी कर सको सदा -2
तुम जगत की ज्योति .....
वो नगर जो बसे शिखर पर , छिपता ही नहीं किसी की नजर -2
तुम्हारे भले काम चमके इस तरह -2
तुम जगत की ज्योति .....
पड़ोसी से प्रेम तुमने सुना है , दुश्मनों से प्यार मेरा कहना है -2
तभी तुम सन्तान परमेश्वर समान -2
तुम जगत की ज्योति .....
आंख के बदले आंख बुराई का सामना है -2
फेरो दूसरा गाल सह लो सब अन्याय -2
ऐसा जीवन ही पिता को भाता है -2
तुम जगत की ज्योति .....
भजन न .40
तूने सारा जीवन रचा , तू ही निराकार है -2
कैसी अनोखी रचना रची, तेरी महिमा अपरमपार है -2
कैसी अनोखी रचत्ता रची , कोई कर न सके सार है -2
तूने सारा .....
मन - भावना ज्ञान तेरा , पाले है संसार है -2
एक ईश्वर को मन से जानो , ओ ही करतार है -2
तूने सारा ....
ज्ञान के पानी में ले के जा नईया , हो जायेगा जीवन पार है -2
उसने बनाई ज्ञान की नईया , नहीं चाहिए मलहार है -2
तूने सारा . ....
जीवन की डोरी खींच देगा . भव - सागर से पार है -2
स्वर्ग सिंहासन विराजे , दाता देख है संसार है -2
तूने सारा ....
कण - कण में वास उसी का , ओ ही तारण हार है -2
उसने हमारा जीवन रचा . ओ ही सृजनहार है -2
तूने सारा .....
भजन न .41
तू ही पूर्ण परमात्मा , तू ही निराकार ,
हे करूणा निधान तेरी जय - जयकार
मन सबूका लगैदी हे पालन हार
त्वी सृष्टि करता छा त्यी करतार
तू ही पूर्ण.....
बेकी महिमा सी धरती भरपूर
नजावा दो मनखियों वे दाता सी दूर
तू ही पूर्ण.....

No comments:
Post a Comment