शक्ति पारम्पार है दाता त्वेमा
मनखियों कू उद्धार है दाता त्वेमा
तू ही पूर्ण .....
सभी मनखियों देयी हे दाता यू दान
सभी मनखी पाऊं आत्मा कू ज्ञान
तू ही पूर्ण ......
ऐकै विराज मन , मन्दिर मा
सच्चा मन सी आयौँ मैं तेरा दर मा
तू ही पूर्ण.......
भजन न .42
तेरी महिमा का सार याहोवा जी मैं रोज गौलू
मन चित सी याहोवा जी तेरू धन्यवाद कौलू
तेरी सच्चाई त वसै दी मेरा मन मा
तेरी इच्छा कू धन्यवाद होलू जीवन मा
तेरी महिमा ......
तेरी आशीशों मन याहोवा जी मैन भी पायी
जीवन मा मेरा याहोवा जी हरियाली आई
तेरी महिमा.....
तेरी आशीशों की क्यारी सदानी हरी छा
मनखियों की खातिर याहोवा जी तेरी धरौ छा
तेरी महिमा .....
आत्मा स्वरूप तेरू हे मेरा दाता
जीवन मा चैन्दू याहोवा जी अब तेरू साथ
तेरी महिमा .....
भजन न .43
तेरी जय - जय हो सदा तेरी जय - जयकार ।
धन - धन याहोवा जी मेरा धन निराकार ।।
तेरा सत वचन बसीग्या मेरा मनमा ।
यू चोला सफल हुवैगी ये जीवन मा तेरी ।।
तेरी जय - जय ....
विश्वासी मुकाम मेरू पुरू करी दे ।
गांव - गांव , घर - घर हो तेरी जय - जय ।।
तेरी जय - जय ....
प्रभू का नऊ सी कदो तेरू धन्यवाद ।
पुरी करी दे है दाता मन की मुराद ।।
तेरी जय - जय ......
मनखी छा अंधेरा मा उजयाला की ताक ।
दुनिया कू अंधेरू याहोवा जी करी दी खाक ।।
तेरी जय - जय .....
भजन न .44
तेरे वचन से मन को धोता हूं , तू बढ़ता जा मैं कम होता हूं
तेरा कलाम दिल में रखा है तेरा वचन हर इक सच्चा है ....
तेरा ही नाम सबसे अच्छा है अपनी खुदी से हाथ धोता हूं ...
तेरा वचन है मेल का पैगाम तेरे वचन में सब चैन आराम
तेरे वचन से बने बिगड़े काम खुद को वचन में डुबोता हूं ....
तेरा कलाम जीवन की रोटी तेरा कलाम राहों की ज्योति
तेरा कलाम है हसीन मोती दिन की माला में पिरोता हूं ....
भजन न . 45
तेरे नाम का सुमिरन करके -2 मेरे मन में सुख भर आया -2
तेरी कृपा को मैंने पाया -2
दुनिया की ठोकर खाके जब हुआ था मैं बे सहारा -2
न पाके अपना कोई -2 जब मैंने तुझे पुकारा -2
हे नाथ मेरे सिर ऊपर -2 तूने अमृत बरसाया -2
तेरी कृपा को मैंने पाया -2
तू संग में था नित मेरे -2 ये नैना देख न पाये -2
चंचल माया के रंग में -2 ये नयन रहे उलझाये -2
जितनी ही बार गिरा हूं -2 तूने पग - पग मुझे उठाया -2
तेरी कृपा को मैंने पाया -2
भव सागर की लहरों ने -2 भटकायी थी मेरी नैया -2
तट छूना भी मुश्किल था -2 नई दीखे कोई खिवैया -2
तू लहर का रूप पहनकर -2 मेरी नाव किनारे लाया -2
तेरी कृपा को मैंने पाया -2
हर तरफ तुम्ही हो मेरे -2 हर तरफ तेरा उजियारा -2
हे ईश्वर तेरी दया से -2 मैंने यीशु सद्गुरू पाया -2
हो शरण तेरी हे दाता -2 हमने उद्धार है पाया -2
तेरी कृपा को मैंने पाया -2
भजन न .46
तू मेरा गीत है जीवन संगीत है -2
जीवन की राह में तू मीत है . तू मीत है -2
करूं अब तेरी आराधना , संपूर्ण मन से उपासना -2
दी है मुझको अपनी आत्मा , मैं यहां हूं -2
मैं यहां हूं , मैं यहां हूं , मैं यहां हूं
मैं हूं यहां , मैं हूं यहां , मैं हूं यहां
तू मेरा गीत ....
अधेरी वादियों में तू ही दीप है -2
जग में अकेला तू नवनीत है -2
करूं अब तेरी आराधना .....
तू मेरी आशा , तू ही तो प्रीत है -2
जीवन ही हार में तू जीत है -2
करूं अब तेरी आराधना ......
भजन न .47
दिल से लगी है मन की पुकार ,
हे दाता तेरी हो जय - जयकार
आत्मा स्वरूप तेरू तू निराकार
मन से आये हैं हम तेरे द्वार
दिल से लगी
मसीह में हम हैं तेरे तूने बताया
सत का दरबार ये तूने सजाया
दिल से लगी .....
सत के दरबार का तू एक राजा
विनती हमारी सुनने को आजा
दिल से लगी .....
हम बैठे रहेंगे आशा में तेरी
तू न करेगा हे दाता देरी
दिल से लगी ...
भजन न .48
देखा ऐसा न कभी , मांगा मैंने जो कभी तभी मिल गया -2
जब कभी मैं फिसल गया , मेरा हाथ उसने पकड़ लिया -2
देखा जिस को नहीं , उसने सृष्टि रची वही एक है -2
अब तो तुम मान जाओजी , हम सबका पिता एक खुदा है -2
देखा ऐसा न कभी ....
हम को मिले जब से तुम , न कोई दुःख है न गम , सभी मगन है -2
रात - दिन अब है तू ही संग , मेरे दिल को है न कोई गम -2
देखा ऐसा न कभी ......
आसमान और ये जमीं उसके हाथों से बनी , सबको पता है -2
ज्ञान तेरा हम को है पसन्द , अब मान लिया तेरा ये वचन -2
देखा ऐसा न कभी ......
भजन न .49
दयो , दयो दयो किलै दयू धुपाणु दयो भक्त ईश्वरोकू छौं ।
भक्त ईश्वरी कू छौ लेणू ईश्वरौ कू नौ , लैणु ईश्वरौं कू नौ
परमेश्वरी क नौं ....
कर्ज कपाल मुण्डमा भोरेगी बोखिटया बाखरियो की बली चडै की -2
मेलगुट्टी सारी भुयाँ मा ऐगी देवतों नचें की घडियाली लगैकी ,
नचै - नचै की , खिल - खिले की
ल्यों - ल्यौं किलें यू
लेवर्ती न .....
तेले की शीशी दीवा - बत्ती मां नवाण कू घीयू युका धुपाणा मा -2
नवाण का चौल यूका पोखण मा साग सब्जी यूका उच्चाणा मा ।
दयो दयो किल ...
करी कमायी बाकियोन खाई भाई - भाई कू लग्यू बताई ,
यू लेवतौन भौत पिथाई सोरा भारों मा यून लड़ाई
ल्यों ल्यों किलै...
यू लेवतो नौ....
नाचू खलौणिया ना यू पिलौणिया नाचू धरौणिया ना यू बौडियोडिया
घात लगौणिया लडे करौणियां बसमा करीक शनि चडौडिया ,
दयो दयो किलै .....
भजन न . 50
दाउद की नाई नाचते - नाचते,
यहोवा की स्तुति करूंगा -2
यीशु नाम से ईश्वर की -2
मेरे लिए सब कुछ पूरा करता ईश्वर -2
यहोवा की स्तुति करूंगा
दाउद की ......
मेरी जरूरतों को पूरी करता ईश्वर -2
यहोवा की स्तुति करूंगा
दाउद की .....
भजन न . 51
धन्यवाद तेरू करदा तेरी जय - जयकार ।
जीवन का कर्ता तू है पालन हार ।।
धन्यवाद तेरू करदा तेरी जय - जयकार ।
दुनिया कु मालीक त्वी छै निराकार ।।
धन्यवाद तेरू ....
सुख शान्ति अमन त्वेमा सब का घरै मा ।
तेरा सत वचन उतरया सबका मनैमा ।।
धन्यवाद तेरू ......
आनन्द जीवन होगा छन सबून जाणी ।
मुरझाई डाल्यों से दाता त्वी देंदू पाणी ।।
धन्यवाद तेरू ....
अंधेरा मनु मा तेरी जोती जगीगे ।
मनखियों का मन तेरा वचनों मा लगीगे ।।
धन्यवाद ते .......
वचनों मा लीखी छा तेरी महिमा की बात ।
वचनों सी खील दाता मनु की रात ।।
धन्यवाद तेरू ......
निराश जीवन मा तू देंदू आशा ।
महिमा कुधन दाता तेरी ही पासा ।।
धन्यवाद तेरू ....
भजन न . 52
धुन ईश्वर तेरी दिन रात लगीगे ।
परजा दुःखों मां च तेरी , कष्ट हरीले ।।
धुन ईश्वर .....
आत्मा कु ज्ञान हम सबूतें सिखें दे ।
जीवन का जल कू तू पाणी पिले दे ।।
धुन ईश्वर....
पाप का हाथों सी हम सबुकै छुडै दे ।
सच्चाई कू लुकियू भेद सबुतै बथै दे ।।
धुन ईश्वर ....
आत्मा कू गुरू ध्यान हमतें सिखै दे ।
स्वर्ग जाणौ बाटू सीधू सबुतै दिखै दे ।।
धुन ईश्वर ....
मनमा भरिया मैल मनकु खत्म करी दे ।
आत्मा पवित्र दान सबु तँ करी दे ।।
धुन ईश्वर ......
भजन न . 53
धन्य धन्य याहोवा जी धन्य निराकार
आहा मन लगीगी मेरू सत्य वाणी पार
प्रभु की मिट्टी वाणी वचनों कू सार
आहा धन्य धन्य याहोवाजी धन्य निराकार
धन्य धन्य याहोवा जी ...
मन लगीगी मेरू प्यारा वचन मा
आहा मैं भी औण चान्दु तरी संगती मा
धन्य धन्य याहोवा जी .....
हम पहली था अणजाण तेरी महिमा सी
आहा तेरी महिमा लीक आयी तेरू मसीही
धन्य धन्य याहोवा जी ....
तेरी सच्चाई बसीगी मेरा मनमा
आहा मैं भी अगियो याहोवाजी तेरी संगती मा
धन्य धन्य याहोवा जी .....
मन हरी क ल्हीगी तेरी सत्य वाणी
आहा धन्य - धन्य याहोवाजी तेरी महिमा जाणी
धन्य धन्य याहोवा जी .....
यू जीवन याहोवाजी तेरा चरणों मा
आहा पूरा मन सी आनियों तेरा शरणू मा
धन्य - धन्य याहोवा जी .....
ये जीवन मा दी दे , याहोवाजी आर्शीवाद
आहा करदी रऊं मैं याहोवा जी तेरू धन्यवाद
धन्य धन्य याहोवा जी .....
भजन न .54
धन्यवाद सदा है परमपिता , तेरे सन्मुख शीश नवाते हैं -2
हम तेरी आराधना करने को , प्रभु यीशु के नाम से आते हैं -2
धन्य वीरों का इस मंडली के -2
तेरे नाम पे जो बलिदान हुए -2
हम उनके साहस त्याग को ले , नित आगे बढ़ते जाते हैं -2 धन्यवाद जिस क्रूस पे येशू का रक्त बहा -2 संसार में पापी ज्ञान के लिए -2 उस कूस ध्वजा से प्रेम तेरा , हम दुनिया में फैलाते हैं ।। धन्यवाद अपराध क्षमा कर दयानिधि -2 बल पौरुष दे अगुवाई कर -2 फिर अपने तन - मन जीवन को , वेदी पर आज चढ़ाते हैं ।। धन्यवाद ..... भजन न .55 धन्य धन्य ईश्वर को -2 जिसने शक्ति दी हमको -2 शरण में अपनी लाया -2 यहोवा जी दिन रात हे संभाला -2 धन्य - धन्य दिन में बादल की छाया बना -2 रात में अग्नि की ज्वाला बना -2 शरण में अपनी लाया -2 यहोवा जी दिन रात हे संभाला -2 धन्य धन्य स्वर्ग से मन्ना खिलाया हमें -2 पानी चट्टान से पिलाया हमें -2 शरण में अपनी लाया -2 यहोवा जी दिन रात हे संभाला -2 धन्य धन्य .....

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